तथ्य-जाँच: "अंग्रेज आम्बेडकर को 4000/- महीना देते थे" दावे का विश्लेषण

तथ्य-जाँच: "अंग्रेज आम्बेडकर को 4000/- महीना देते थे" दावे का विश्लेषण

तथ्य-जाँच: "अंग्रेज आम्बेडकर को 4000/- महीना देते थे" दावे का विश्लेषण

यह दावा कि ब्रिटिश सरकार ने डॉ. भीमराव आम्बेडकर को 4000 रुपये मासिक वेतन दिया था, ऐतिहासिक रूप से गलत और भ्रामक है। निम्नलिखित तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर इसकी समीक्षा की गई है:


चरण 1: आम्बेडकर का वास्तविक वेतन

डॉ. आम्बेडकर ने ब्रिटिश शासनकाल में दो प्रमुख पदों पर कार्य किया:

  1. प्रोफेसर, गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, बॉम्बे (1921–1927)

    • वेतन: ₹1,500 प्रति माह
    • स्रोत: डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर: राइटिंग्स एंड स्पीचेस, खंड 1 (भारत सरकार, महाराष्ट्र शासन, 1990)।
  2. सदस्य, वायसराय की कार्यकारी परिषद (1942–1946)

    • वेतन: ₹2,500 प्रति माह
    • स्रोत: धनंजय कीर, आम्बेडकर: लाइफ एंड मिशन (1962)।

नोट: किसी भी ऐतिहासिक दस्तावेज़ या जीवनी में ₹4,000 मासिक वेतन का उल्लेख नहीं मिलता।


चरण 2: शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता का स्रोत

दावे में आम्बेडकर को "अंग्रेजों द्वारा funded" बताया गया है, जो गलत है:

  • बड़ौदा राज्य छात्रवृत्ति (1913): महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ III द्वारा ₹25 मासिक छात्रवृत्ति दी गई (स्रोत: वेटिंग फॉर अ वीज़ा, आम्बेडकर की आत्मकथा)।
  • लंदन अध्ययन (1920): निजी बचत, ऋण और मित्रों के सहयोग से वित्तपोषित, न कि ब्रिटिश सरकार द्वारा।

चरण 3: सोने की कीमत का संदर्भ

दावा: "जब सोना 10 रुपये तोला था"
वास्तविकता:

  • 1920 के दशक में सोने की कीमत ₹18–22 प्रति तोला (11.66 ग्राम) थी (स्रोत: RBI ऐतिहासिक आर्थिक डेटा)।
  • ₹4,000/माह की तुलना:
    • ब्रिटिश ICS अधिकारियों का वेतन: ₹400–500/माह
    • विश्वविद्यालय प्रोफेसरों का वेतन: ₹200–300/माह
    • आम्बेडकर का वेतन (₹1,500–2,500) उस समय के हिसाब से उच्च था, परंतु ₹4,000 जैसी अत्यधिक राशि नहीं।

चरण 4: राजनीतिक प्रतिबद्धता पर दावा

दावा: आम्बेडकर की "अंग्रेजों के प्रति ईमानदारी"
वास्तविकता:

  • आम्बेडकर ब्रिटिश शासन के consistent critic रहे।
  • उन्होंने दलित अधिकारों के लिए संघर्ष किया, न कि ब्रिटिश हितों की सेवा की।
  • स्वतंत्र भारत में संविधान Drafting Committee के अध्यक्ष बने।

सन्दर्भ स्रोत

  1. कीर, धनंजय. आम्बेडकर: लाइफ एंड मिशन (1962)।
  2. महाराष्ट्र शासन. डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर: राइटिंग्स एंड स्पीचेस (1990)।
  3. जेलियट, एलिनोर. Ambedkar: A Reassessment (2004)।
  4. मॉडर्न एशियन स्टडीज, "Economic Conditions of Dalits in Colonial India" (2018)।
  5. आरबीआई ऐतिहासिक आर्थिक डेटा।
  6. आम्बेडकर, बी.आर. वेटिंग फॉर अ वीज़ा (आत्मकथा)।

निष्कर्ष

  • दावा गलत है: आम्बेडकर को ब्रिटिश सरकार द्वारा ₹4,000/माह नहीं दिया गया।
  • वास्तविक वेतन: ₹1,500–2,500/माह (150–250 तोला सोना, यदि ₹10/तोला मानें)।
  • उद्देश्य: यह दावा आम्बेडकर की विरासत को बदनाम करने हेतु प्रचारित किया गया प्रतीत होता है।

सत्यापन हेतु: भारतीय अभिलेखागार, शैक्षणिक शोध पत्र, या आम्बेडकर की मूल जीवनियों का संदर्भ लें।

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